विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि परमाणु समझौते को, अन्य कई मुद्दों पर इस्लामी गणतंत्र ईरान की सहमति न होने के बाद अंतिम रूप दिया गया है और अब इस बारे में फिर से कोई बात चीत नहीं होगी।
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने टीवी पर अपने एक इन्टरव्यू में कहा कि ट्रम्प सरकार बिना किसी कारण के और कानूनी चरणों पर ध्यान दिये बिना ही समझौते से निकल गयी थी और युरोपीय देशों सहित उसके सदस्यों को परमाुण समझौता का उल्लंघन करने पर प्रोत्साहित किया।
विदेशमंत्री ने कहा कि बाइडन सरकार अभी तक फैसला नहीं कर पाई है कि उसे परमाणु समझौते के बारे में करना क्या है?
जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि बाइडन सरकार निराधार और अस्पष्ट बातें कर रही है लेकिन अब भी उसके पास अपने बयानों में विरोधाभास को सुधारने का अवसर है।
विदेशमंत्री ने कहा कि बाइडन सरकार को एक बदनामी विरासत में मिली है इसलिए देर सवेर अमरीकियों को परमाणु समझौते में वापस आना होगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि जब अमरीका परमाणु समझौेते से निकला तो युरोपीय देशों ने भी उसका उल्लंघन किया इस युरोप पर ईरानी जनता का क़र्ज़ा है।
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि परमाणु समझौते के सिलसिले में उन लोगों पर ज़िम्मेदारी है न कि ईरान पर , जैसा कि वरिष्ठ नेता ने कहा है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि कोई वार्ता ही नहीं होगी इस लिए सऊदी अरब के उपस्थिति होने या न होने का सवाल ही नहीं पैदा होता , हमारे पास 15 पृष्ठों का एक परमाणु समझौता है और उसके सभी पक्षों ने वार्ता और सहमति प्रकट की है।